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उत्तर प्रदेशबस्ती

बस्ती में खूनी खेल: 20 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत, शरीर पर मिले निशान; परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

सरेआम हत्या या पुलिस की विफलता? महुआ डाबर में युवक का शव मिलने से मचा कोहराम, बढ़ते क्राइम ग्राफ पर उठे सवाल

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती में फिर खूनी खेल: संदिग्ध परिस्थितियों में मिला युवक का शव, हत्या की आशंका से मचा कोहराम

  • बस्ती: संदिग्ध परिस्थितियों में मिला सत्यम सिंह का शव, परिजनों की चीखों से दहला इलाका; हत्या की आशंका से सनसनी
  • सुरक्षा के दावों की खुली पोल: बस्ती में फिर एक युवक की बलि, गौर पुलिस की कार्यप्रणाली कटघरे में

बस्ती: जनपद के गौर थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआ डाबर गाँव में बुधवार को एक 20 वर्षीय युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान वार्ड नंबर 1 निवासी सत्यम सिंह के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना मिलते ही गाँव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​शरीर पर चोट के निशान, हत्या की आशंका

​मिली जानकारी के अनुसार, अंबेडकर नगर ताल के पास सत्यम का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। परिजनों ने मृतक के शरीर पर चोट के गहरे निशान होने का दावा करते हुए इसे सुनियोजित हत्या करार दिया है। परिजनों का आरोप है कि सत्यम की हत्या कर शव को यहाँ फेंका गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है।

​पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल

​घटना की सूचना मिलते ही गौर पुलिस और जिले के आलाधिकारी मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जाँच की बात कह रही है। हालाँकि, सवाल यह है कि क्या पुलिस इस हत्याकांड की तह तक पहुँच पाएगी?

​बढ़ता अपराध, लचर सुरक्षा व्यवस्था

​बस्ती जनपद में इन दिनों अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। हत्या, लूट और चोरी की बढ़ती वारदातों ने कानून-व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। ऐसा प्रतीत होता है कि अपराधियों में पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।

  • क्या अपराधियों को कानून का डर नहीं?
  • सरेआम हत्याओं का दौर कब थमेगा?
  • क्या पुलिस सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सीमित है?

​स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई नहीं की, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। फिलहाल, पूरे गाँव में मातम पसरा है और हर कोई यही पूछ रहा है कि आखिर सत्यम की जान का दुश्मन कौन था?

​यह घटना बस्ती प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। अब देखना यह है कि पुलिस की जाँच निष्पक्ष होती है या यह मामला भी फाइलों में दफन होकर रह जाएगा।

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